मध्य प्रदेश के दमोह जिले में फर्जी मेडिकल डिग्री के जरिए डॉक्टर बनकर नौकरी करने वाले एक बड़े गैंग का खुलासा हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डॉक्टर सचिन यादव, डॉ. राजपाल गौर, डॉ. अजय मौर्य और हीरा सिंह कौशल को गिरफ्तार किया है।जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने 8 से 10 लाख रुपये खर्च कर फर्जी MBBS डिग्री और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया का नकली रजिस्ट्रेशन नंबर हासिल किया था। इन दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत नौकरी भी प्राप्त कर ली थी।
मामले की पड़ताल के दौरान जीवाजी यूनिवर्सिटी और रीवा मेडिकल कॉलेज का नाम भी सामने आया है, जिससे जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि इसमें शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके।
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