सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चोलापुर में चिकित्सकों की तत्परता और विशेषज्ञ देखभाल से 26 दिन के एक गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशु का सफल उपचार कर उसे स्वस्थ अवस्था में घर भेज दिया गया।जानकारी के अनुसार, निर्मला और मोनू कहार का नवजात शिशु, जिसका जन्म एक निजी अस्पताल में हुआ था, गंभीर पीलिया और गहन एनीमिया की स्थिति में सीएचसी चोलापुर लाया गया। पीडियाट्रिक ओपीडी में डॉ. आकांक्षा सिंह द्वारा जांच के दौरान शिशु के शरीर, विशेषकर हथेलियों और तलवों तक पीलापन पाया गया। प्रयोगशाला जांच में हीमोग्लोबिन 5.1 ग्राम/डेसिलीटर और सीरम बिलीरुबिन 14 मिलीग्राम/डेसिलीटर दर्ज किया गया।गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने आगे की जांच के लिए हाई परफॉर्मेंस लिक्विड क्रोमैटोग्राफी (HPLC) कराई, जिसमें हेमोलिटिक एनीमिया और संभावित बीटा-थैलेसीमिया के संकेत मिले। इस संबंध में अधीक्षक डॉ. आरबी यादव ने बताया कि नवजात को तुरंत गहन फोटोथेरेपी दी गई और 24 घंटे के अंतराल पर दो बार पैक्ड रेड ब्लड सेल (PRBC) ट्रांसफ्यूजन किया गया।
उपचार के बाद शिशु का हीमोग्लोबिन बढ़कर 11.4 ग्राम/डेसिलीटर हो गया और उसकी स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। लगातार निगरानी के बाद संतोषजनक हालत में नवजात को छुट्टी दे दी गई।डॉ. यादव ने कहा कि यह मामला दर्शाता है कि नवजात में पीलिया और एनीमिया के मामलों में समय पर जांच और उपचार कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि सीएचसी चोलापुर में उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञ टीम की तत्परता से ही इस गंभीर स्थिति में आए शिशु को नया जीवन मिल सका।वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद ने कहा कि जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेषज्ञ सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सीएचसी चोलापुर की टीम की संवेदनशीलता और दक्षता की सराहना करते हुए इसे स्वास्थ्य विभाग की बेहतर कार्यप्रणाली और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।


