गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मंगलवार को विप्र समाज, काशी के तत्वावधान में देवी अहिल्याबाई घाट पर भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। शहर दक्षिणी विधायक नीलकंठ तिवारी के नेतृत्व में मां गंगा का 51 बटुकों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दुग्धाभिषेक किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक आचार्य पंडित उदित नारायण मिश्रा के आचार्यत्व में षोडशोपचार पूजन से हुई। पूजन में गंध, अक्षत, पुष्प, केसर, नैवेद्य एवं फलों का अर्पण किया गया। इसके बाद 51 लीटर दूध से मां गंगा का अभिषेक किया गया। पूरे आयोजन के दौरान घाट शंखनाद और वैदिक मंत्रों से गूंजायमान रहा।
इस अवसर पर विधायक नीलकंठ तिवारी ने कहा कि सनातन धर्म में गंगा दशहरा का अत्यंत आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मनाया जाने वाला यह पर्व मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण की स्मृति में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना से पापों से मुक्ति तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है।उन्होंने पौराणिक कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए कठोर तपस्या की थी, जिसके फलस्वरूप मां गंगा धरती पर अवतरित हुईं।
उन्होंने समाज से भगीरथ प्रयास की भावना से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।कार्यक्रम में डॉ. पवन शुक्ला, प्रमोद कुमार मिश्र, रमेश तिवारी, विशाल औढेकर, नवीन कसेरा, डॉ. अशेष नारायण द्विवेदी, संजय उपाध्याय, किशोरी रमण दूबे ‘बाबू महाराज’, एडवोकेट प्रकाश गुप्ता, आकाश पाठक एवं षडानन पाठक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


