नरेंद्र मोदी ने भारतीय सेनाओं के पराक्रम और साहस को सलाम करते हुए संस्कृत श्लोक के माध्यम से उनका सम्मान किया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा—उदीर्णमनसो योधा वाहनानि च भारत।यस्यां भवन्ति सेनायां ध्रुवं तस्यां जयं वदेत्॥”इस श्लोक का अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस सेना के सैनिक ऊंचे उत्साह, मजबूत मनोबल और आधुनिक संसाधनों से लैस हों, उसकी विजय निश्चित होती है।
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भावुक संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि एक वर्ष पूर्व भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अद्वितीय साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया था। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई उन आतंकियों और उनके समर्थकों के खिलाफ सख्त जवाब थी, जिन्होंने पहलगाम आतंकी हमला में निर्दोष भारतीयों को निशाना बनाया था।प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा देश भारतीय सेनाओं के शौर्य और बलिदान को नमन करता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कठोर नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया।
सेनाओं के तालमेल और आत्मनिर्भरता का भी जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि इस अभियान ने भारतीय सेनाओं की पेशेवर क्षमता, तैयारी और आपसी समन्वय को भी उजागर किया। साथ ही रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की बढ़ती ताकत का भी परिचय मिला।उन्होंने दोहराया कि भारत आतंकवाद और उसे समर्थन देने वाले पूरे तंत्र को समाप्त करने के अपने संकल्प पर आज भी पूरी मजबूती के साथ कायम है।
ऐसे चुना गया था ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम
बताया गया कि 8 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि अभियान के लिए पांच नामों पर विचार किया गया था। अंतिम चरण में “ऑपरेशन मंगलसूत्र” और “ऑपरेशन सिंदूर” नाम चुने गए।सूत्रों के अनुसार, नरेंद्र मोदी ने “ऑपरेशन सिंदूर” नाम को मंजूरी दी, क्योंकि पहलगाम आतंकी हमले में कई महिलाओं ने अपने जीवनसाथी खो दिए थे। इसी भावनात्मक संदर्भ को ध्यान में रखते हुए इस अभियान का नाम “सिंदूर” रखा गया।

