देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद वाराणसी में आम लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। शुक्रवार को शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर ईंधन भराने पहुंचे लोगों ने सरकार के फैसले पर अलग-अलग राय व्यक्त की।कुछ लोगों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को देशहित से जोड़ते हुए कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए सरकार का यह फैसला जरूरी हो सकता है।
लोगों का कहना था कि यदि इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है तो जनता को भी सहयोग करना चाहिए।वहीं दूसरी ओर कई लोगों ने इस बढ़ोतरी पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि पहले से बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन के दाम बढ़ने से आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। खासकर नौकरीपेशा और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए रोजमर्रा के खर्चों का बोझ और बढ़ जाएगा।
कई उपभोक्ताओं ने कहा कि सरकार एक ओर पेट्रोल बचाने और वैकल्पिक साधनों को अपनाने की सलाह देती है, वहीं दूसरी ओर लगातार बढ़ती कीमतों से लोगों की परेशानियां बढ़ रही हैं। कुछ लोगों ने इलेक्ट्रिक वाहनों और सार्वजनिक परिवहन को भविष्य के लिए बेहतर विकल्प बताया।शहरवासियों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।हालांकि कुछ नागरिकों ने यह भी कहा कि देश के मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार ने जो निर्णय लिया है, वह राष्ट्रीय हित में हो सकता है और जनता को धैर्य के साथ परिस्थितियों को समझना चाहिए।

