बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अंग्रेज़ी को लेकर शुरू हुई बहस अब सियासी विवाद का रूप ले चुकी है। सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग के बीच सत्ता और विपक्ष के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए ट्रोल करने वालों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि सम्राट चौधरी ऐसी अंग्रेज़ी बोलते हैं, जिसे गांव-जवार के आम लोग भी आसानी से समझ सकते हैं। मांझी ने कहा कि उनकी काबिलियत पर सवाल उठाने वाले दरअसल उनके बढ़ते राजनीतिक प्रभाव से घबराए हुए हैं।
मांझी ने इस बहस के बीच राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग सम्राट चौधरी की अंग्रेज़ी का मजाक उड़ा रहे हैं, उन्हें यह सवाल लालू यादव और सोनिया गांधी से भी पूछना चाहिए।वहीं, मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी ट्रोलर्स की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी की भाषा का मजाक उड़ाना हीन मानसिकता को दर्शाता है। उमा भारती ने उदाहरण देते हुए कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अंग्रेज़ी नहीं बोलते, फिर भी वे दुनिया के प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं।
दूसरी ओर, जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर लगातार इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते रहे हैं। वे समय-समय पर सम्राट चौधरी की शिक्षा और अंग्रेज़ी बोलने के तरीके को लेकर सवाल उठाते हैं।दरअसल, हाल के दिनों में मुख्यमंत्री के अंग्रेज़ी भाषणों के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिन पर मीम्स और टिप्पणियों की बाढ़ आ गई। इसके बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।फिलहाल, भाषा को लेकर शुरू हुई यह चर्चा अब राजनीति में गहराती जा रही है, जहां एक पक्ष इसे आम जनता से जुड़ी सरल अभिव्यक्ति बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे नेतृत्व की क्षमता से जोड़कर देख रहा है।

