वाराणसी नगरी क्षेत्र में स्ट्रीट वेंडरों के खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राष्ट्रीय फेरी पटरी ठेला व्यवसायी संगठन ने इस मुद्दे पर नगर आयुक्त एवं टाउन वेंडिंग कमेटी के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपते हुए गंभीर चिंता जताई है।संगठन का आरोप है कि शहर में पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014 के तहत स्वीकृत 63 वेंडिंग जोनों को पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार हटाया जा रहा है। इससे न केवल कानून की अवहेलना हो रही है, बल्कि हजारों पटरी व्यवसायियों की आजीविका भी संकट में पड़ गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार द्वारा स्ट्रीट वेंडरों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ था, लेकिन वर्तमान कार्रवाई इन प्रयासों को कमजोर कर रही है। संगठन ने नगर आयुक्त से हस्तक्षेप कर स्थिति को सुधारने की मांग की है।संगठन की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:* टाउन वेंडिंग कमेटी द्वारा तय किए गए 63 वेंडिंग जोनों को सुरक्षित रखा जाए।* पटरी व्यवसायियों के खिलाफ हो रहे पुलिस उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए।* लहरतारा–चौकाघाट फ्लाईओवर के नाइट मार्केट से हटाए गए वेंडरों को पुनः बसाया जाए।* प्रस्तावित स्ट्रीट फूड हब में स्ट्रीट वेंडरों को 100% स्थान दिया जाए।
ज्ञापन पर सचिन अभिषेक निगम, विजय यादव, सुरेंद्र यादव, शीला, राजू शर्मा, प्रेम चंद पांडे, साजन सरोज, नखडू सोनकर और विकास यादव सहित कई प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं।संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।


