लखीमपुर खीरी जिले के पलिया कलां क्षेत्र के खुशीपुर गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब ग्रामीणों ने एक दुर्लभ और जहरीला सांप देखा, जिसे स्थानीय भाषा में ‘चंद्रनाग’ कहा जाता है। सांप के फन पर चंद्रमा जैसे निशान को देखकर लोग डर गए और तुरंत इसकी सूचना वन्य जीव सेवा से जुड़ी रेस्क्यू टीम को दी।सूचना मिलते ही NGO की रेस्क्यू टीम गांव पहुंची और मौके पर ग्रामीणों की मदद से सावधानीपूर्वक सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ा। सांप को पकड़ने के बाद टीम ने ग्रामीणों को भी जागरूक किया और बताया कि यह सांप दुर्लभ होने के साथ-साथ जहरीला भी होता है, इसलिए इसे मारना नहीं चाहिए बल्कि विशेषज्ञों को सूचना देनी चाहिए।
रेस्क्यू टीम ने बताया कि पकड़ा गया सांप ‘मोनोकल्ड कोबरा’ प्रजाति का है, जिसे स्थानीय रूप से चंद्रनाग कहा जाता है। यह सांप आमतौर पर रात के समय सक्रिय होता है और कीड़े-मकोड़े इसका मुख्य भोजन होते हैं।बाद में इस सांप को सुरक्षित तरीके से गांव से दूर ले जाकर दुधवा के जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया, ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में रह सके।ग्रामीणों ने बताया कि ऐसा सांप बहुत कम दिखाई देता है, जिससे गांव में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया था। लेकिन रेस्क्यू टीम की समय पर कार्रवाई से स्थिति सामान्य हो गई।वन्यजीव विशेषज्ञों ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी जंगली जानवर या सांप को नुकसान न पहुंचाएं और तुरंत रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें।


