नाविक समाज ने कैबिनेट मंत्री से लगाई गुहार, नाव लाइसेंस बहाली और वाटर टैक्सी ठेका समाप्त करने की मांग

वाराणसी। काशी के नाविक समाज ने अपनी आजीविका से जुड़े मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वर्ष 2024 में नगर निगम द्वारा नाव और मोटर बोट के लाइसेंस निरस्त किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई गई।नाविक समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि नगर निगम द्वारा लाइसेंस रद्द किए जाने से हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। साथ ही, गंगा घाटों पर वाटर टैक्सी संचालन के लिए ठेका दिए जाने को उन्होंने अन्यायपूर्ण बताया और इसे तत्काल समाप्त करने की मांग की।

ज्ञापन में बताया गया कि काशी में लगभग 40 हजार नाविक परिवार अपनी आजीविका के लिए नौकायन पर निर्भर हैं। बच्चों की शिक्षा, बुजुर्गों के इलाज और परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र साधन नाव संचालन ही है, जिसे वे पीढ़ियों से करते आ रहे हैं।मुख्य मांगें:नगर निगम वाराणसी द्वारा निरस्त किए गए नाव/मोटर बोट लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए नाव संचालन का लाइसेंस पहले की तरह नगर निगम से ही जारी किया जाए।किसी अन्य विभाग से लाइसेंस लेने की बाध्यता समाप्त की जाए।गंगा घाटों पर वाटर टैक्सी ठेका प्रणाली को खत्म किया जाए।जल पुलिस एवं एनडीआरएफ में नाविक एवं गोताखोरों की भर्ती की जाए।

नाविक समाज ने यह भी कहा कि वे सदियों से गंगा में यात्रियों की सेवा करते आ रहे हैं और कई बार अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाने का कार्य भी करते हैं। उन्होंने अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक योगदान का उल्लेख करते हुए सरकार से न्याय की मांग की।ज्ञापन सौंपने वालों में विनोद कुमार निषाद गुरु (राष्ट्रीय अध्यक्ष, मां गंगा निषाद राज सेवा समिति, उत्तर प्रदेश) सहित बड़ी संख्या में नाविक समाज के लोग शामिल रहे।नाविक समाज ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो वे आगे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।


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