कोलकाता: कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों के आगे झुक जाती हैं। इसका जीवंत उदाहरण बनी हैं कोलकाता की छात्रा अद्रिजा, जिन्होंने 82 कीमोथेरेपी सेशन झेलने के बावजूद 12वीं बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर टॉप रैंक हासिल की। अद्रिजा की इस उपलब्धि ने पूरे शहर ही नहीं, देशभर के छात्रों को प्रेरित किया है।कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ते हुए अद्रिजा ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। लंबे इलाज, अस्पताल के चक्कर और शारीरिक कमजोरी के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। परिवार, शिक्षकों और दोस्तों के सहयोग से उन्होंने नियमित पढ़ाई की और आखिरकार उत्कृष्ट अंक हासिल कर इतिहास रच दिया।
अद्रिजा ने कहा कि उनका लक्ष्य कभी भी परिस्थितियों के सामने हार मानना नहीं था। उन्होंने बताया कि बीमारी के दौरान कई बार मुश्किलें आईं, लेकिन उन्होंने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया।स्कूल प्रशासन ने अद्रिजा की सफलता को “साहस और समर्पण की मिसाल” बताया है। सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी जमकर सराहना कर रहे हैं और उन्हें लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बता रहे हैं।अद्रिजा की कहानी यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी चुनौती सफलता की राह नहीं रोक सकती।

