उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने वाराणसी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि प्रदेश में अपराध और अपराधियों के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति लगातार जारी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में अपराध के ग्राफ में कमी आई है और अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं।डीजीपी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति अभियान के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार संचालित किए जा रहे हैं। वहीं बढ़ते साइबर अपराध को बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि पुलिस इस दिशा में तेजी से काम कर रही है। साइबर ठगी के मामलों में बैंक खातों से धनराशि बाहर न जा सके, इसके लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जा रहा है।
यातायात व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ट्रैफिक जाम और कंजेशन की समस्या से निपटने के लिए आरटीसी सहित विभिन्न व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। वाराणसी में पुलिस व्यवस्था को संतोषजनक बताते हुए उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को निरंतर प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है।डीजीपी ने कहा कि धार्मिक स्थलों की अपनी व्यवस्थाएं होती हैं, जबकि पुलिस सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाती है। कफ सिरप तस्करी से जुड़े मामले में उन्होंने कहा कि आरोपियों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है और उन्हें जल्द ही भारत लाया जाएगा।माफिया और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई को लेकर डीजीपी ने कहा कि प्रदेश में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। सोशल मीडिया पर सामने आए नामों और मामलों की भी जांच कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।उन्होंने कहा कि वाराणसी की सबसे बड़ी चुनौती यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी संख्या है। काशी में जल्द शुरू होने जा रही रोपवे परियोजना को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, ताकि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बेहतर ढंग से संचालित हो सके।


