आईएमएस बीएचयू के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रभु श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम और उसके आध्यात्मिक पक्ष को लेकर अपनी राय व्यक्त की।
प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक अनुष्ठान का प्रभाव केवल भौतिक नहीं बल्कि आध्यात्मिक और मानसिक स्तर पर भी पड़ता है। उन्होंने मन, आत्मा और संस्कार की भूमिका पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि मनुष्य के आचरण और सोच पर संस्कारों का गहरा प्रभाव होता है।
डॉ. कुमार ने यह भी कहा कि धार्मिक कर्मकांडों और ज्योतिषीय मान्यताओं को लेकर समाज में अलग-अलग दृष्टिकोण मौजूद हैं, जिन्हें वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से समझने की आवश्यकता है। उन्होंने इस विषय पर संतुलित और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की बात कही।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने विभिन्न आध्यात्मिक सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि आस्था और विश्वास व्यक्तिगत विषय हैं, लेकिन इन्हें सामाजिक सौहार्द और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ जोड़कर देखा जाना चाहिए।इस दौरान उन्होंने मीडिया से अपील की कि ऐसे विषयों को प्रस्तुत करते समय तथ्यात्मकता और संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
फिलहाल उनके इस बयान के बाद विषय को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा तेज हो गई है।



