पिंडरा (वाराणसी)। सरकार द्वारा संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य लोगों की शिकायतों का त्वरित और मौके पर निस्तारण करना है, लेकिन हकीकत इससे अलग दिखाई दे रही है। अधिकांश फरियादियों की शिकायतों का मौके पर समाधान नहीं हो पा रहा है और उन्हें केवल जांच व कार्रवाई का आश्वासन देकर वापस भेजा जा रहा है।इसी क्रम में शनिवार को पिंडरा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान नदोय गांव निवासी अरसद अली ने मदरसा फारुकिया में फर्जी कमेटी बनाकर राज्य सरकार से प्राप्त अनुदान राशि के कथित बंदरबांट का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
अरसद अली का आरोप है कि मदरसा फारुकिया में नियमों के विपरीत फर्जी प्रबंधन समिति गठित कर सरकारी अनुदान का दुरुपयोग किया जा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम प्रतिभा मिश्रा ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं।संपूर्ण समाधान दिवस में पिंडरा तहसील में कुल 109 शिकायतें प्राप्त हुईं, लेकिन केवल सात मामलों का ही मौके पर निस्तारण हो सका। बाकी शिकायतों की तरह इस मामले में भी तत्काल न्याय नहीं मिल सका और शिकायत जांच के लिए संबंधित विभाग को भेज दी गई। इससे फरियादियों में यह भावना है कि संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य त्वरित न्याय दिलाना है, लेकिन अधिकांश मामलों में उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है।अब जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



