भदैनी स्थित दिगंबर जैन तीर्थ में शनिवार को जैन धर्म के सातवें तीर्थंकर भगवान सुपार्श्वनाथ का जन्म तप कल्याणक महोत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, अर्घ्य समर्पण सहित विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। महोत्सव को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
महोत्सव की जानकारी देते हुए सुरेंद्र जैन ने बताया कि भगवान सुपार्श्वनाथ का जन्म एवं तप कल्याणक जैन परंपरा के प्रमुख और प्रेरणादायी पर्वों में शामिल है। इस अवसर पर भगवान के त्याग, तपस्या, अहिंसा, सत्य और आत्मसंयम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अभिषेक एवं पूजन के उपरांत श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे। साथ ही जैनाचार्यों एवं विद्वानों के प्रवचन भी होंगे, जिनमें भगवान सुपार्श्वनाथ के जीवन-दर्शन और उनके बताए नैतिक मूल्यों पर प्रकाश डाला जाएगा।सुरेंद्र जैन ने कहा कि वर्तमान समय में भगवान सुपार्श्वनाथ के अहिंसा, क्षमा, करुणा और आत्मसंयम के सिद्धांत समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। इन मूल्यों को अपनाकर सामाजिक सौहार्द, शांति और भाईचारे को और अधिक मजबूत किया जा सकता है।
महोत्सव के समापन पर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया जाएगा। जैन समाज के पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भगवान सुपार्श्वनाथ के जन्म तप कल्याणक महोत्सव में सहभागिता करने और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया है।



