लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मृतकों के परिजनों ने फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि यदि दमकल की गाड़ियां समय पर मौके पर पहुंच जातीं, तो कम से कम 15 लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
घटना के बाद दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने घटनास्थल से नजदीकी फायर स्टेशन की दूरी का जायजा लिया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दूरी अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद राहत एवं बचाव कार्य में देरी हुई। मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है और प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है।
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