उत्तर प्रदेश के स्कूली शिक्षा तंत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब छात्रों को कक्षा 6 से ही पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभी तक यह व्यवस्था कक्षा 9 और 11 के विद्यार्थियों के लिए लागू थी, लेकिन अब इसे छठी कक्षा तक विस्तार देने की तैयारी की जा रही है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय इस पहल को उत्तर प्रदेश में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने जा रहा है। योजना के अनुसार इसे मौजूदा शैक्षणिक सत्र से ही लागू किया जाएगा।
इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से ही व्यावहारिक ज्ञान और रोजगारोन्मुखी कौशल से जोड़ना है। वर्तमान में प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए 'प्रोजेक्ट प्रवीण' संचालित किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत स्कूलों में अत्याधुनिक लैब स्थापित की जा रही हैं, जहां विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े व्यावसायिक और कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान किए जाते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कक्षा 6 से ही विद्यार्थियों को स्किल एजुकेशन से जोड़ा जाएगा।
इससे छात्र कम उम्र में ही तकनीकी और व्यावहारिक दक्षताओं को विकसित कर सकेंगे, जो भविष्य में रोजगार और उद्यमिता के अवसरों के लिए उन्हें बेहतर रूप से तैयार करेगा। इससे उन्हें कम उम्र में तकनीकी और व्यावहारिक दक्षताएं विकसित करने का अवसर मिलेगा, जो भविष्य में रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में मददगार साबित होगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


