अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले की जांच कर रही एसआईटी (विशेष जांच टीम) को एक बड़ी गुत्थी मिली है। जांच के दौरान रामलला को भेंट की गई करीब 60 किलो चांदी की शिलाओं का रिकॉर्ड स्पष्ट रूप से नहीं मिल पाया है, जिसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।सूत्रों के अनुसार, एसआईटी पिछले कई दिनों से मंदिर में मिले चढ़ावों, उनके रिकॉर्ड और वर्तमान स्थिति की जांच कर रही है। इसी दौरान 60 किलो चांदी की शिलाओं का मामला सामने आया। बताया जा रहा है कि ये शिलाएं देशभर के ज्वेलर्स द्वारा राम मंदिर निर्माण और रामलला के लिए भेंट स्वरूप दी गई थीं, लेकिन मौजूदा रिकॉर्ड में उनका स्पष्ट उल्लेख नहीं मिल रहा है।
ज्वेलर्स एसोसिएशन ने दावा किया है कि शिलाएं मंदिर ट्रस्ट को विधिवत सौंपी गई थीं और इसके प्रमाण स्वरूप उनके पास रसीदें भी मौजूद हैं। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि चांदी की शिलाएं निर्धारित प्रक्रिया के तहत ट्रस्ट को दी गई थीं, इसलिए अब यह स्पष्ट होना चाहिए कि वे वर्तमान में कहां हैं।मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी ने रिकॉर्ड, दस्तावेजों और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चांदी की शिलाएं मंदिर के भंडार में मौजूद हैं, किसी अन्य उद्देश्य में उपयोग की गईं या फिर रिकॉर्ड में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है।
जांच की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है। टीम सभी दस्तावेजों, रसीदों और चढ़ावे के विवरण का मिलान कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि 60 किलो चांदी की शिलाओं का वास्तविक रिकॉर्ड क्या है और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है।फिलहाल जांच जारी है और एसआईटी ने अभी तक किसी निष्कर्ष की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी, लेकिन रिकॉर्ड से चांदी की शिलाओं का गायब होना जांच का सबसे बड़ा सवाल बन गया है।


