देश के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों में इस बार उत्तर प्रदेश के चार ऐसे नाम शामिल किए गए हैं, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करते हुए समाज पर गहरी छाप छोड़ी है। मुरादाबाद के प्रगतिशील किसान रघुपत सिंह (मरणोपरांत), वाराणसी की संगीत शिक्षिका मंगला कपूर, लखनऊ के रंगकर्मी डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी और मुरादाबाद के पीतल शिल्पकार चिरंजी लाल यादव को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।खेती के क्षेत्र में नवाचार और देशी फसलों के संरक्षण के लिए रघुपत सिंह को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया। उन्होंने अपने प्रयोगों के जरिए न केवल उत्पादन बढ़ाया, बल्कि अन्य किसानों को भी टिकाऊ खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
वहीं, विपरीत परिस्थितियों से जूझते हुए भी संगीत के क्षेत्र में निरंतर योगदान देने वाली मंगला कपूर को भी पद्मश्री मिला है। वह लंबे समय से जरूरतमंदों को निःशुल्क संगीत शिक्षा देकर समाज में प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।रंगमंच और शिक्षा जगत में अहम भूमिका निभाने वाले डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी को उनके दीर्घकालिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने थिएटर, फिल्मों और शिक्षण के माध्यम से कला को व्यापक पहचान दिलाई।इसके अलावा, चिरंजी लाल यादव ने मुरादाबाद की पारंपरिक पीतल कला को संजोने और आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने नई पीढ़ी को इस शिल्प से जोड़कर इसे जीवित रखने का कार्य किया।


