काशी रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में रेलवे प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने और भूमि खाली कराने की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में काशी स्टेशन के समीप स्थित गंज शहीदा मस्जिद को अवैध निर्माण बताते हुए रेलवे ने परिसर में नोटिस चस्पा किया है। रेलवे की ओर से नोटिस लगाए जाने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया है। मस्जिद के आसपास रहने वाले लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी लेने में जुटे रहे।
स्थानीय लोगों के बीच मस्जिद की जमीन और उसके इतिहास को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। इस बीच मस्जिद का प्रबंधन संभालने वाली अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने रेलवे के दावे का विरोध करते हुए अपना जवाबी नोटिस चस्पा किया है। कमेटी का कहना है कि मस्जिद रेलवे की जमीन पर नहीं बनी है और उसका इतिहास काशी स्टेशन के निर्माण से भी पुराना है।
अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के ज्वाइंट सेक्रेटरी एसएम यासीन ने दावा किया कि गंज शहीदा मस्जिद काफी पुरानी धार्मिक धरोहर है और इसके संबंध में उपलब्ध दस्तावेज रेलवे के दावे को गलत साबित करते हैं। वहीं, मस्जिद के मुअज्जिन ने भी मस्जिद के पुराने अस्तित्व का हवाला देते हुए इसे ऐतिहासिक स्थल बताया। फिलहाल रेलवे प्रशासन और मस्जिद प्रबंधन के दावों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।


