ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद मंगलवार से वाराणसी के सभी परिषदीय विद्यालयों में एक बार फिर रौनक लौट आई। लंबे अवकाश के बाद स्कूल पहुंचे बच्चों का शिक्षकों ने तिलक लगाकर और आरती उतारकर स्वागत किया। विद्यालय परिसर बच्चों की चहल-पहल और उत्साह से गुलजार नजर आए। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के निर्देशानुसार कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित किए जाएंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सभी शिक्षकों को समय से विद्यालय पहुंचने और शैक्षणिक गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन विद्यार्थियों का विशेष स्वागत किया गया। बच्चों को तिलक लगाकर उनकी आरती उतारी गई, ताकि वे सकारात्मक माहौल और उत्साह के साथ अपनी पढ़ाई शुरू कर सकें। बीएसए ने बताया कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अप्रैल माह में ही सभी विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई थी। वहीं, जनपद के जर्जर विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। अब तक पांच परिषदीय विद्यालयों को नए भवन निर्माण के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें मंता प्रसाद कंपोजिट विद्यालय छोहरा, कंपोजिट विद्यालय पियरी कला, कंपोजिट विद्यालय मैदागिन, जूनियर हाईस्कूल परीसनहरिया और इंदिरा गांधी कंपोजिट विद्यालय रामनगर शामिल हैं।
इन विद्यालयों के पुनर्निर्माण के लिए 12 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। पहली किस्त के रूप में 10 प्रतिशत धनराशि जारी कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार पुराने जर्जर भवनों को ध्वस्त कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए स्कूल भवन बनाए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। इस बीच बीएसए भूपेंद्र सिंह के नाम से सोशल मीडिया पर एक फर्जी पत्र भी वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि परिषदीय विद्यालय 27 जून तक बंद रहेंगे। इस पत्र से अभिभावकों और शिक्षकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, बीएसए ने वायरल पत्र को पूरी तरह फर्जी बताते हुए कहा कि उस पर किए गए हस्ताक्षर भी नकली हैं और उसका बेसिक शिक्षा विभाग से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कक्षा 1 से 8 तक के सभी परिषदीय विद्यालय मंगलवार से निर्धारित समय के अनुसार खुल चुके हैं। साथ ही चेतावनी दी कि फर्जी पत्र बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


