नवांकुर कार्यशाला में वरिष्ठ प्रशिक्षुओं ने किया ‘वीर अभिमन्यु’ का मंचन, दर्शकों ने सराहा अभिनय

वाराणसी। नागरी नाटक मंडली न्यास एवं भारतेंदु नाट्य अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 29वीं नवांकुर कार्यशाला के अंतर्गत रविवार को मुरारीलाल मेहता प्रेक्षागृह में वरिष्ठ वर्ग के प्रशिक्षुओं ने ऐतिहासिक नाटक ‘वीर अभिमन्यु’ का प्रभावशाली मंचन किया। प्रस्तुति में युवा रंगकर्मियों ने पारसी थिएटर की पारंपरिक शैली को जीवंत करने का सफल प्रयास किया।


सौ वर्ष से अधिक पुराने इस नाटक का लेखन प्रसिद्ध नाटककार राधेश्याम कथावाचक ने पारसी थिएटर की मशहूर न्यू अल्फ्रेड थिएट्रिकल कंपनी के लिए किया था। नाटक के मंचन में प्रशिक्षुओं ने उस दौर की संवाद शैली, अभिनय और मंचीय प्रस्तुति को आधुनिक दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का प्रयास किया।


प्रस्तुति का निर्देशन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) से प्रशिक्षित एवं प्रसिद्ध कवि रघुवीर सहाय की पुत्री हेमा सिंह ने किया। रंगकर्मियों के अभिनय और मंचीय अनुशासन की दर्शकों ने सराहना की। वरिष्ठ रंग समीक्षकों का मानना रहा कि निर्देशकीय प्रयोगों के और बेहतर समावेश से प्रस्तुति को अधिक प्रभावशाली बनाया जा सकता था।


मंचन से पूर्व नवांकुर कार्यशाला के कनिष्ठ वर्ग के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। संगीत वर्ग में स्तुति वर्मा एवं तेजस राय, नाटक वर्ग में दिव्यांश प्रजापति, प्रिंस पटेल एवं साध्वी पाठक को पुरस्कार प्रदान किए गए। वेदांगी श्रीवास्तव को विशिष्ट प्रतिभा सम्मान दिया गया। कथक में भव्या सिंह एवं अनोखी सिन्हा, भरतनाट्यम में आकाश भारती तथा ओडिसी में आराध्या शाही को सम्मानित किया गया। वहीं वर्ष रमन को सर्वश्रेष्ठ संचालक का पुरस्कार प्रदान किया गया।


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