भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से रेलवे अधिनियम के तहत कई नियमों में संशोधन किया है। नए प्रावधान 1 जुलाई से लागू होंगे। इनके तहत ट्रेन और रेलवे परिसर में शराब के नशे में हंगामा करने, बिना टिकट यात्रा करने, भीख मांगने और बिना अनुमति फेरी लगाने जैसे मामलों में पहले से अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।नए नियमों के अनुसार, यदि कोई यात्री ट्रेन में शराब के नशे में उपद्रव करता है, तो रेलवे उसे ट्रेन से उतार सकती है और उसका टिकट या पास भी जब्त किया जा सकता है। ऐसे मामलों में 24 घंटे तक की जेल, 1,000 रुपये तक का जुर्माना या सामुदायिक सेवा की सजा का भी प्रावधान रखा गया है।
बिना टिकट या पहले इस्तेमाल किए जा चुके टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों से निर्धारित किराए के साथ अतिरिक्त शुल्क भी वसूला जाएगा। यदि यात्री भुगतान करने से इनकार करता है, तो उसके खिलाफ रेलवे कोर्ट में मामला दर्ज किया जा सकता है, जहां छह महीने तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।रेलवे ने बिना लाइसेंस सामान बेचने, फेरी लगाने और ट्रेन या स्टेशन परिसर में भीख मांगने के मामलों में भी सख्ती बढ़ा दी है। पहली बार नियम तोड़ने पर 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जुर्माना जमा नहीं करने पर तीन महीने तक की जेल या 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों को एक साल तक की जेल और 5,000 रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।रेलवे का कहना है कि इन संशोधित नियमों का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और अनुशासित यात्रा का माहौल उपलब्ध कराना है। नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए जुर्माने की राशि बढ़ाई गई है, जबकि जेल की सजा को गंभीर मामलों में अंतिम विकल्प के रूप में रखा गया है।



