नई दिल्ली। अमेरिका ने ईरान पर लगाए गए तेल प्रतिबंधों में अस्थायी राहत देते हुए सीमित अवधि के लिए कुछ छूट देने का फैसला किया है। इस कदम के तहत ईरान को कच्चे तेल के निर्यात, बिक्री और परिवहन से जुड़े लेन-देन की अनुमति एक विशेष 60-दिवसीय सामान्य लाइसेंस के जरिए दी गई है।यह निर्णय वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने और ईरान के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया बताया जा रहा है।
इस छूट के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में संभावित बदलावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है, खासकर उन देशों में जो बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करते हैं।भारत, जो अपनी तेल जरूरतों का लगभग 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, इस फैसले से लाभान्वित हो सकता है। ईरान से तेल आपूर्ति फिर शुरू होने की स्थिति में भारत को सस्ता कच्चा तेल मिलने का विकल्प फिर से उपलब्ध हो सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत के आयात बिल में कमी आ सकती है और घरेलू स्तर पर ईंधन कीमतों पर दबाव भी घट सकता है।
साल 2019 में अमेरिका द्वारा ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भारत ने वहां से तेल आयात लगभग पूरी तरह बंद कर दिया था। इसके बाद भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अन्य देशों, खासकर मध्य पूर्व और रूस, पर निर्भरता बढ़ा दी थी।ईरान को दी गई यह अस्थायी छूट भले ही सीमित समय के लिए हो, लेकिन इससे वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला और कीमतों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।कुल मिलाकर, यह कदम अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार के लिए राहत और अनिश्चितता दोनों लेकर आया है।
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