वाराणसी। शहर के वार्ड-87 सरैया क्षेत्र में पिछले करीब 20 वर्षों से जलसंकट बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आज भी लगभग 50 हजार की आबादी को ‘नल से जल’ योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। कई इलाकों में लगी पानी की टोटियां सूखी पड़ी हैं, जबकि कागजों में जलापूर्ति के दावे किए जा रहे हैं।क्षेत्रवासियों का कहना है कि नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं होने के कारण उन्हें हैंडपंप, टैंकर और निजी स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। गर्मी के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो जाता है।
मामले पर वार्ड के पार्षद ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र में पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। उन्होंने स्वीकार किया कि जनता को बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं करा पाना चिंता का विषय है। पार्षद ने कहा, “हम शर्मिंदा हैं कि इतने वर्षों बाद भी लोगों को पर्याप्त पेयजल नहीं मिल पा रहा है।”स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान निकालने और ‘नल से जल’ योजना को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की है। वहीं, जिम्मेदार विभागों के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।


