बाराबंकी में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी महिलाओं ने जूट उत्पादों के निर्माण के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। इस पहल की अगुवाई कर रहीं शीला देवी ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से करीब 150 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा है।
समूह की महिलाएं जूट से बैग, पर्स, फाइल कवर, फोल्डर समेत कई उपयोगी और आकर्षक उत्पाद तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों की गुणवत्ता के कारण अब दिल्ली, मुंबई, गुजरात सहित देश के कई राज्यों से ऑर्डर मिल रहे हैं, जिससे महिलाओं की आय में लगातार वृद्धि हो रही है।
शीला देवी ने बताया कि शुरुआत छोटे स्तर से हुई थी, लेकिन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग, नियमित प्रशिक्षण और महिलाओं की मेहनत के बल पर यह पहल आज बड़े स्वरूप में बदल चुकी है। उनका लक्ष्य अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस पहल ने न केवल महिलाओं को स्वावलंबी बनाया है, बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव लाया है।



