वाराणसी। शहर के प्रतिष्ठित जेनिथ कोचिंग द्वारा आयोजित चार दिवसीय “जेनिथ फेस्ट रीलोडेड 3.0” का भव्य समापन उत्साह एवं गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। समापन समारोह में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों तथा विभिन्न विद्यालयों के गणमान्य व्यक्तियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ए स्कूल ऑफ गुरुकुल, डिगिया के प्रबंध निदेशक रवि प्रकाश जायसवाल एवं निदेशक ममता जायसवाल रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में क्रेडेंस इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक, पूर्वांचल कोचिंग संघ के अध्यक्ष तथा वरिष्ठ अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ छात्रा समीक्षा द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से हुआ। इसके पश्चात श्रेयशी उपाध्याय ने “शिव कैलाशों के वासी” गीत की मधुर प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि जेनिथ कोचिंग पिछले एक दशक से अधिक समय से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत है तथा अब तक 3500 से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षित कर चुकी है। संस्थान के विद्यार्थियों ने 400 से अधिक विशिष्ट श्रेणी (डिस्टिंक्शन) प्राप्त किए हैं तथा प्रतिवर्ष अनेक विद्यालय एवं बोर्ड में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी दिए हैं।
चार दिवसीय उत्सव में 300 से अधिक विद्यार्थियों ने शतरंज, कैरम, रुबिक्स घन (क्यूब), कप सज्जा प्रतियोगिता, वक्तृत्व (डिक्लेमेशन), इलेक्ट्रॉनिक खेल, वाद-विवाद तथा कला एवं शिल्प प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वाद-विवाद प्रतियोगिता रही, जिसका विषय था— “क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने विद्यार्थियों को अधिक बुद्धिमान बनाया है या कम?” प्रतिभागियों ने शिक्षा पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव पर प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत किए।इस अवसर पर सत्र 2025-26 के विभिन्न विद्यालयों के कक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों तथा शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को “जेनिथ स्टार्स” सम्मान से सम्मानित किया गया।मुख्य अतिथि रवि प्रकाश जायसवाल ने अपने संबोधन में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन एवं संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं विशिष्ट अतिथि आशीष श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को निरंतर सीखते रहने तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डिप्टेश पांडेय द्वारा प्रस्तुत किया गया, जबकि कार्यक्रम का संचालन प्राप्ति यादव ने किया।समारोह में संस्था की निदेशक सविता पांडेय, प्रबंधक दिलेश पांडेय, हर्ष पांडेय, समन्वयक अर्चना पांडेय सहित शिक्षकगण-निधि, खुशी, फरहान, अनुराग, आदित्य, साची एवं ज्योति सहित अन्य शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। “जेनिथ है तो मुमकिन है” के संदेश के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।


