आगरा में साइबर ठगों ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी बनकर एक शिक्षिका को करीब दो घंटे तक डिजिटल अरेस्ट जैसी स्थिति में रखा। ठगों ने ट्रांसफर रुकवाने के नाम पर 40 हजार रुपये की मांग की और व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भेजकर तत्काल भुगतान का दबाव बनाया।
सैंया ब्लॉक के जौनई स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय की शिक्षिका रश्मि शर्मा को पढ़ाई के दौरान कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बीएसए कार्यालय का कर्मचारी बताते हुए विभाग की गोपनीय जानकारी साझा कर उनका भरोसा जीता। इसके बाद उसने कहा कि उनका तबादला किया जा रहा है और यदि नाम सूची से हटवाना है तो 40 हजार रुपये देने होंगे।
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लगातार दो घंटे तक कॉल पर रखकर मानसिक दबाव बनाया गया ताकि वह किसी से सलाह न ले सकें। लेकिन जब कॉलर ने उनकी ज्वाइनिंग की तारीख पूछी तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने शिक्षक नेता बृजेश दीक्षित से संपर्क किया, जिन्होंने इसे साइबर ठगी का प्रयास बताया। इसके बाद शिक्षिका ने नंबर ब्लॉक कर दिया और ठगी से बच गईं।
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इसी नंबर से खंदौली ब्लॉक की एक अन्य शिक्षिका को भी निशाना बनाया गया, लेकिन साथियों की सतर्कता से वह भी ठगी का शिकार होने से बच गईं। वहीं, एक सेवानिवृत्त शिक्षक ने साइबर क्राइम थाने में 20 लाख रुपये की डिजिटल ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, क्यूआर कोड या पैसे की मांग पर तुरंत सत्यापन करें और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
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