वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की सुप्रीम कोर्ट की पहल पहले ही दिन विफल रही। मंगलवार को कलक्ट्रेट में तीन सदस्यीय न्यायिक समिति की मौजूदगी में हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच मध्यस्थता शुरू हुई, लेकिन दोनों पक्ष करीब 20 मिनट भी साथ नहीं बैठ सके और बिना किसी सहमति के बैठक समाप्त हो गई।
बैठक के दौरान हिंदू पक्ष ने ज्ञानवापी को प्राचीन भगवान आदिविशेश्वर का क्षेत्र बताते हुए मुस्लिम पक्ष से परिसर छोड़ने की मांग की। वहीं मुस्लिम पक्ष ने राजस्व अभिलेखों का हवाला देते हुए ज्ञानवापी मस्जिद पर अपना वैध अधिकार बताया और कहा कि विवाद का समाधान केवल अदालत के फैसले से ही संभव है।
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मध्यस्थता में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं समेत 30 से अधिक लोग शामिल हुए। सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त अधिवक्ताओं का पैनल भी पूरी प्रक्रिया की निगरानी करता रहा। संवेदनशील मामले को देखते हुए बैठक स्थल और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी विवाद का समाधान बातचीत और विशेष लोक अदालत के माध्यम से निकालने का सुझाव दिया था। फिलहाल वाराणसी की विभिन्न अदालतों में ज्ञानवापी से जुड़े 36 और इलाहाबाद हाई कोर्ट में छह मामले लंबित हैं। दोनों पक्षों के अपने-अपने रुख पर कायम रहने के बाद अब इस विवाद का फैसला अदालत की सुनवाई पर ही निर्भर माना जा रहा है।
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