यूपी में बदले होमस्टे के नियम, अब 8 कमरों तक होगा पंजीकरण

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में पर्यटन सुविधाओं को मजबूत करने के लिए होमस्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) नीति में अहम बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब शहरी क्षेत्रों में संचालक अपने आवास के एक से आठ कमरों तक का पंजीकरण करा सकेंगे। पहले यह सीमा छह कमरों तक निर्धारित थी।

संशोधित नियमों के अनुसार आठ कमरों वाले होमस्टे में अधिकतम 16 बेड उपलब्ध कराए जा सकेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि होमस्टे केवल आवेदक के स्वामित्व वाले आवासीय भवन या विकास प्राधिकरण से लीज पर प्राप्त भूमि पर बने भवन में ही संचालित किए जा सकेंगे। इसके अलावा भवन में मालिक या उसके परिवार के किसी सदस्य का निवास करना भी अनिवार्य होगा।

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बीएंडबी इकाइयों के लिए भी आठ कमरों तक पंजीकरण की अनुमति दी गई है। यदि भवन लीज पर लिया गया है तो उसकी न्यूनतम अवधि तीन वर्ष होनी चाहिए और परिसर में केयरटेकर की मौजूदगी जरूरी होगी। वहीं, आठ से अधिक कमरों वाले होटल, मोटल और गेस्ट हाउस इस योजना के तहत पंजीकरण के पात्र नहीं होंगे।

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सरकार ने पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ऑनलाइन नवीनीकरण की सुविधा भी शुरू की है। अब संचालक अपने पंजीकरण की अवधि समाप्त होने से तीन महीने पहले पोर्टल के माध्यम से स्वयं नवीनीकरण करा सकेंगे।सरकार का कहना है कि इन बदलावों से प्रदेश में पर्यटकों के लिए किफायती आवास की उपलब्धता बढ़ेगी, स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और सामुदायिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।

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