रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने के रामपुर विकास प्राधिकरण के आदेश के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि यदि बिना स्वीकृत नक्शे के आधार पर जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोजर चलाया जा सकता है, तो फिर इसी आधार पर देश के अन्य विश्वविद्यालयों पर भी समान कार्रवाई होनी चाहिए।इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण के समय यह क्षेत्र रामपुर विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में नहीं था। उनके अनुसार बाद में प्राधिकरण का दायरा बढ़ाया गया और अब उसी आधार पर भवनों को अवैध बताते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया है। उन्होंने इस फैसले को अनुचित बताते हुए कहा कि शिक्षा संस्थानों को इस तरह निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

कांग्रेस सांसद ने लोगों से विश्वविद्यालय को बचाने के लिए आगे आने की अपील भी की। उनका कहना था कि ऐसे संस्थानों का संरक्षण होना चाहिए और किसी भी कार्रवाई में निष्पक्षता बरती जानी चाहिए।गौरतलब है कि रामपुर विकास प्राधिकरण ने जौहर विश्वविद्यालय के 40 में से 38 भवनों को बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्मित मानते हुए उन्हें गिराने का आदेश दिया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन को 15 दिनों के भीतर स्वयं निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर प्राधिकरण बुलडोजर चलाकर भवन ध्वस्त करेगा और उसका खर्च भी विश्वविद्यालय प्रबंधन से वसूला जाएगा।
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