वाराणसी। सावन माह के शुभारंभ के साथ ही धर्मनगरी काशी पूरी तरह शिवमय हो गई है। देवाधिदेव महादेव के जलाभिषेक और दर्शन-पूजन के लिए देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में शिवभक्त और कांवड़िए काशी पहुंच रहे हैं। शहर में हर ओर केसरिया वस्त्रधारी श्रद्धालुओं की मौजूदगी और "हर-हर महादेव" के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।सावन के दूसरे दिन से श्री काशी विश्वनाथ धाम सहित शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। विश्वनाथ धाम में सुबह से ही दर्शन और जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर प्रशासन ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए पहले दिन से ही झांकी दर्शन की व्यवस्था लागू कर दी है। मंगला आरती के बाद मंदिर के चारों द्वारों पर विशेष पात्र स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से श्रद्धालु जल और दूध अर्पित कर रहे हैं। इससे अधिक संख्या में भक्तों को सुगमता से दर्शन कराने में सहायता मिल रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के सभी सात प्रवेश एवं निकास द्वार खोल दिए गए हैं। दर्शनार्थियों को गेट नंबर-4, काशी द्वार-4बी, नंदूफारिया लेन द्वार, सिल्को द्वार (गेट नंबर-4ए), ढुंढिराज द्वार, सरस्वती फाटक द्वार तथा भैरव द्वार से प्रवेश और निकास की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, सुरक्षा कर्मी और स्वयंसेवक लगातार तैनात हैं।
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विश्वनाथ धाम से लेकर दशाश्वमेध घाट तक कांवड़ियों की आवाजाही बनी रही। चितरंजन पार्क स्थित विश्राम स्थल पर बड़ी संख्या में कांवड़ रखी दिखाई दीं, जिससे दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के ठहरने का अनुमान लगाया गया। वहीं गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण घाटों पर प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
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इधर, सावन के पावन अवसर पर योगी अखाड़ा परिवार की ओर से अस्सी घाट मार्ग स्थित परिसर में एक माह तक चलने वाली अन्नपूर्णा सेवा (भंडारा) का शुभारंभ किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी राधेश्याम महाराज के सान्निध्य में मंत्रोच्चार के साथ सेवा प्रारंभ हुई। उन्होंने बताया कि पूरे सावन माह श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। पहले ही दिन बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने इस सेवा का लाभ उठाया
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