प्रयागराज: उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में बड़े फेरबदल के तहत 1998 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पीयूष मोर्डिया को प्रयागराज का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है। इससे पहले वे वाराणसी जोन में एडीजी के पद पर तैनात थे। यह नियुक्ति राज्य में 15 आईपीएस अधिकारियों के तबादले के तहत की गई है।
राजस्थान के अजमेर में 23 जुलाई 1970 को जन्मे पीयूष मोर्डिया की सफलता की कहानी प्रेरणादायक मानी जाती है। उन्होंने बीएससी के बाद फाइनेंस में एमबीए, एलएलबी, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स किया और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से मेसन फेलोशिप भी हासिल की। 12वीं के बाद उनका चयन भारतीय नौसेना में नेवल इंजीनियरिंग के लिए हुआ था, लेकिन उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी। बाद में बिना किसी कोचिंग के सेल्फ स्टडी के दम पर यूपीएससी परीक्षा पास की। पहले प्रयास में कस्टम्स सेवा मिली और 1998 में दोबारा परीक्षा देकर आईपीएस बने।
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अपने लंबे पुलिस करियर में पीयूष मोर्डिया ने उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में सेवाएं दीं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर वे सीमा सुरक्षा बल (BSF) में भी रहे, जहां बीकानेर में डीआईजी और नई दिल्ली स्थित बीएसएफ मुख्यालय में डीआईजी (इंटेलिजेंस) के रूप में कार्य किया। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक और कई बार डीजीपी प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जा चुका है।
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प्रयागराज प्रदेश के सबसे संवेदनशील शहरों में शामिल है, जहां महाकुंभ, धार्मिक आयोजनों, वीआईपी सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और अपराध नियंत्रण जैसी बड़ी जिम्मेदारियां रहती हैं। ऐसे में शासन को उम्मीद है कि पीयूष मोर्डिया का अनुभव और सख्त प्रशासनिक शैली शहर की कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाएगी।
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