काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट की पहल पर प्रस्तावित बैठक में मुस्लिम पक्ष शामिल नहीं होगा। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए किसी भी प्रकार की बातचीत में भाग लेना उचित नहीं होगा।
मुस्लिम पक्ष के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे न्यायालय की प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सम्मान करते हैं, लेकिन विवाद का समाधान केवल कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव है। उनका मानना है कि अदालत में सुनवाई जारी रहने के दौरान समानांतर वार्ता उचित नहीं है।
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सुप्रीम कोर्ट की पहल का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर विवाद के समाधान की संभावनाएं तलाशना है। हालांकि, मुस्लिम पक्ष के बैठक में शामिल न होने के फैसले के बाद फिलहाल इस पहल के सफल होने पर संशय की स्थिति बन गई है।
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