बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को दिल्ली उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने विवादित फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' से जुड़े टीजर, पोस्टर और अन्य प्रचार सामग्री के लिंक सोशल मीडिया से तुरंत हटाने का निर्देश दिया है। यह आदेश सलमान खान की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें उन्होंने फिल्म पर रोक लगाने और अपने व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया था।
सुनवाई के दौरान अदालत ने फिल्म के निर्माता अमित जानी के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि निर्माता खुद को कानून से ऊपर समझ रहे हैं और उनका व्यवहार लगातार अनुचित होता जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के अधिकारों का इस तरह उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जा सकता।सलमान खान की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि काला हिरण शिकार से जुड़े चार मामलों में से तीन में अभिनेता को बरी किया जा चुका है, जबकि चौथे मामले में सजा पर रोक लगी हुई है। उनका कहना था कि फिल्म के जरिए अभिनेता की छवि को नुकसान पहुंचाने और एक समुदाय को उनके खिलाफ भड़काने की कोशिश की जा रही है।
![]() |
| Advertisement |
वहीं निर्माता पक्ष ने दलील दी कि फिल्म के टीजर में सलमान खान का प्रत्यक्ष रूप से कोई उल्लेख नहीं है और इसमें किसी प्रकार की एआई या डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल भी नहीं किया गया है। हालांकि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को फिल्म से जुड़े संबंधित लिंक और कंटेंट हटाने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी के प्रसार को रोका जा सके।
![]() |
| Advertisement |
गौरतलब है कि 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' की घोषणा के बाद से ही यह फिल्म विवादों में रही है। सलमान खान का आरोप है कि यह फिल्म उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करती है और इससे उनकी सार्वजनिक छवि प्रभावित हो सकती है। मामले की अगली सुनवाई में अदालत आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी।
![]() |
| Advertisement |
.jpeg)


