नई दिल्ली। संसद चलो मार्च के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस कई पहलुओं से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि प्रदर्शन के दौरान हुआ उपद्रव अचानक भड़का था या इसके पीछे पहले से कोई सुनियोजित साजिश थी।
जांच एजेंसियां घटनास्थल और आसपास के इलाकों के 250 से अधिक सीसीटीवी फुटेज तथा वीडियो रिकॉर्डिंग की पड़ताल कर रही हैं। साथ ही सोशल मीडिया गतिविधियों, मोबाइल चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि हिंसा में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
![]() |
| Advertisement |
मामले में अब तक चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि दो अन्य मामलों में भी कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। पुलिस को कुछ ऐसे चैट संदेश भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है और जिनसे प्रदर्शन की पूर्व योजना से जुड़े संकेत मिलने की आशंका जताई जा रही है।
![]() |
| Advertisement |
दिल्ली पुलिस का कहना है कि जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हिंसा, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
![]() |
| Advertisement |

.jpeg)

