अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के इंदिरा गांधी हॉल में 19 वर्षीय छात्रा इर्तिका समीर की मौत से साथी छात्र-छात्राओं में शोक है। इर्तिका पश्चिम बंगाल के हावड़ा की रहने वाली थीं और बीए सेकेंड ईयर में दर्शनशास्त्र की पढ़ाई कर रही थीं। वह आईजी हॉल के कमरा नंबर 19 में रहती थीं। जानकारी के मुताबिक, इर्तिका 28 जुलाई को अपने घर से AMU लौटी थीं। विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर के अनुसार, इसके बाद से वह तनाव में बताई जा रही थीं। मंगलवार रात उनकी अपनी मां से फोन पर बातचीत हुई। बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने इसे मौत की निश्चित वजह नहीं माना है।
इसके बाद छात्रा ने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद उनकी मां ने उनकी सहेली को फोन कर बेटी का हाल जानने के लिए कहा, क्योंकि इर्तिका फोन नहीं उठा रही थीं। सहेली और अन्य छात्राओं ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद पाया। सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय की प्रॉक्टोरियल टीम और पुलिस मौके पर पहुंची।
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पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की। छात्रा को जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक तनाव की बात सामने आई है, लेकिन मौत की वास्तविक वजह की जांच जारी है।  |
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घटना के बाद AMU के छात्र-छात्राओं ने कैंडल मार्च निकालकर इर्तिका को श्रद्धांजलि दी। छात्रों ने युवाओं में तनाव और मानसिक दबाव को लेकर जागरूकता बढ़ाने तथा शैक्षणिक संस्थानों में काउंसलिंग व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी हॉस्टलों में काउंसलिंग कार्यक्रम चलाने की बात कही है।  |
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