श्रावण मास के पावन तृतीय सोमवार पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। भगवान श्री विश्वेश्वर के दर्शन के लिए देर रात से ही कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। बारिश के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई और श्रद्धालु बरसते पानी के बीच अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट खुलते ही बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का रेला शुरू हो गया। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। भोर से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा।
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श्रावण सोमवार के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम को भव्य पुष्प सज्जा से सजाया गया। दर्शन के लिए पहुंचे कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर भव्य एवं भावपूर्ण स्वागत किया गया। बारिश, भक्ति और बाबा के जयकारों के बीच काशी धाम का वातावरण पूरी तरह शिवमय नजर आया।
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धाम में उमड़ी भीड़ के बीच श्रद्धालुओं के चेहरे पर बाबा विश्वनाथ के दर्शन की उत्सुकता साफ दिखाई दी। मौसम की चुनौती भी उनकी आस्था के आगे फीकी पड़ गई। पूरे परिसर में लगातार “हर-हर महादेव” और “बाबा विश्वनाथ की जय” के जयघोष गूंजते रहे।
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