नागपंचमी और श्रावण सोमवार के पावन संयोग पर काशी में सोमवार को विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया। लोकमान्यताओं के अनुसार इस विशेष अवसर पर नागकेसर मिश्रित जल से भगवान शिव का अभिषेक करने से कालसर्प दोष से मुक्ति और ज्ञान-कूप के जल से ज्ञान की वृद्धि की कामना की जाती है। इसी धार्मिक मान्यता के तहत विश्वनाथ गली व्यवसायी संघ की ओर से बाबा विश्वनाथ का भव्य जलाभिषेक किया गया।
श्रावण मास के तीसरे सोमवार को आयोजित जलाभिषेक कार्यक्रम में संघ के सैकड़ों सदस्य और महिला श्रद्धालु दशाश्वमेध स्थित चितरंजन पार्क पर एकत्र हुए। डमरू की निनाद और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच श्रद्धालु जलपात्र लेकर जुलूस के रूप में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर रवाना हुए। जयघोषों से पूरा मार्ग शिवमय हो उठा।
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मंदिर पहुंचने के बाद ज्ञान-कूप (ज्ञानवापी कूप) के पवित्र जल में नागकेसर मिश्रित किया गया। इसके बाद काशी के पंचतीर्थ के जल को इसमें मिलाकर बाबा विश्वनाथ का महा-जलाभिषेक किया गया। इस दुर्लभ धार्मिक संयोग में शामिल होने और बाबा का जलाभिषेक कर लोककल्याण की कामना करने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शहर दक्षिणी विधायक एवं पूर्व राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता श्री अन्नपूर्णा मठ मंदिर के महंत शंकर पुरी जी महाराज ने की।
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इस अवसर पर विश्वनाथ गली व्यवसायी संघ के अध्यक्ष पंडित रमेश तिवारी, महामंत्री पंडित कमल तिवारी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. पवन शुक्ला, भानू मिश्रा, राजू बाजोरिया, ऋषि झिंगरन, सिद्धार्थ भारद्वाज, प्रतीक देववंशी, अभिषेक केशरी, महेश और मनोज प्रजापति सहित बड़ी संख्या में संघ के पदाधिकारी एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
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