सुन्दरपुर स्थित महामना नगर कॉलोनी में बिना स्वीकृत मानचित्र निर्माण के मामले में वीडीए की कार्रवाई के बाद एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि निर्माण स्थल पर की गई सीलिंग की कार्रवाई के बाद कुछ अज्ञात लोग मौके पर पहुंचे और यह कहते हुए सील तोड़ दी कि स्थल पर आराजी संख्या अंकित नहीं है। मामले में पैतृक जमीन पर अवैध कब्जे और लगातार धमकी दिए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं।वीडीए के अनुसार, रमेश जायसवाल, आशीष अग्रवाल और रजनी अग्रवाल पत्नी आनंद कुमार अग्रवाल व अन्य द्वारा करीब 50×60 फीट क्षेत्रफल में भूतल पर निर्माण के लिए कॉलम का कार्य कराया जा रहा था। निर्माण को अनधिकृत मानते हुए प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के तहत कार्रवाई करते हुए 1 जुलाई 2024 को निर्माण स्थल को सील किया था। आरोप है कि बाद में सील तोड़कर दोबारा शटरिंग का काम शुरू करा दिया गया।
इसी मामले में वीडीए ने 21 अगस्त 2026 को स्थल को पुनः सील करने के निर्देश दिए। कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता रोहित कुमार को मौके पर भेजा गया, जबकि चितईपुर थाना प्रभारी को भी सीलिंग के दौरान मौजूद रहने और सुरक्षा सहयोग देने के निर्देश दिए गए थे।वहीं, कार्रवाई के बाद नीरज कुमार केसरी ने आरोप लगाया कि उक्त जमीन सुनीता श्रीवास्तव की पैतृक संपत्ति है, जिस पर आशीष अग्रवाल द्वारा कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आशीष अग्रवाल के साथ संजय सिंह भी मौजूद रहते हैं, जो खुद को आरएसएस का नेता बताते हैं और कथित तौर पर कहते हैं कि उनका कोई कुछ नहीं कर सकता।
सुनीता श्रीवास्तव ने बताया कि जमीन उनकी पैतृक संपत्ति है और मामला उनकी आराजी संख्या 64 से जुड़ा है। उनका आरोप है कि आराजी संख्या 66 आशीष अग्रवाल की है, इसके बावजूद उनकी आराजी संख्या 64 पर अवैध तरीके से निर्माण कराया जा रहा है। सुनीता ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं।वहीं, मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि वीडीए की सीलिंग कार्रवाई के बाद कुछ अज्ञात लोग वहां पहुंचे और सील को यह कहते हुए तोड़ दिया कि निर्माण स्थल पर आराजी संख्या अंकित नहीं है। इससे एक बार फिर विवाद गहरा गया है।
मामले में जमीन के स्वामित्व, आराजी संख्या और निर्माण की वैधता को लेकर आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं। वहीं, वीडीए की ओर से बिना स्वीकृत मानचित्र निर्माण और सील किए गए स्थल पर दोबारा निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अब सील तोड़े जाने के आरोप के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर है।



