||वाराणसी|| में मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वार्ड संख्या 39 सुसुवाही में बारिश के बाद कई जगह जलजमाव की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नालियों की सफाई के बाद निकाला गया मलबा सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया था, जो बारिश के पानी के साथ दोबारा नालियों में पहुंच गया और जल निकासी बाधित हो गई.
वाराणसी में हुई तेज बारिश के बाद सुसुवाही क्षेत्र में जगह-जगह पानी भर गया। सड़क पर जलजमाव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुछ सप्ताह पहले क्षेत्र की नालियों की सफाई कराई गई थी, लेकिन सफाई के बाद निकाला गया मलबा और गंदगी समय से नहीं हटाई गई।
बारिश के दौरान यही मलबा बहकर दोबारा नालियों में पहुंच गया, जिससे नालियां जाम हो गईं और पानी की निकासी प्रभावित हुई। स्थानीय निवासी मनीष दीक्षित का आरोप है कि यदि सफाई के बाद मलबे का तत्काल उठान कर लिया जाता तो जलजमाव की स्थिति को काफी हद तक रोका जा सकता था।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम की सफाई व्यवस्था और निगरानी पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि जलजमाव वाले स्थानों की तत्काल जांच कर नालियों की सफाई कराई जाए और सड़क किनारे पड़े मलबे को हटाया जाए।
नागरिकों ने अपने पार्षद और विधायक से भी मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि बारिश के मौसम में केवल नालियों की सफाई कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सफाई के बाद निकले मलबे का समय से उठान और नालियों की जल निकासी क्षमता बनाए रखना भी जरूरी है।
अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन इस समस्या को लेकर कितनी जल्द कार्रवाई करता है और सुसुवाही क्षेत्र के लोगों को जलजमाव और गंदगी की समस्या से कब राहत मिलती है।
