काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव का हरियाली श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। फूलों, फलों और हरी सब्जियों से सजे बाबा कालभैरव के दरबार की भव्य छटा देखने के लिए सुबह से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। शाम होते-होते मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई और देर रात तक दर्शन के लिए कतार लगी रही।
हरियाली श्रृंगार के तहत मंदिर को गेंदा, गुलाब और चमेली के फूलों से सजाया गया। बाबा को मुंड माला के साथ फलों की माला भी पहनाई गई। ब्रह्म मुहूर्त में विधि-विधान से पूजन के बाद पंचामृत और 108 लीटर दूध से बाबा का अभिषेक किया गया। इसके बाद सिंदूर का विशेष लेप लगाकर बाबा को नए वस्त्र धारण कराए गए और विभिन्न व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया।शृंगार और पूजन के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। भक्तों ने बाबा कालभैरव के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि व मंगलकामना की।
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हरियाली श्रृंगार के अवसर पर बाबा की विशेष महाआरती भी हुई। सवा लाख बत्तियों से की गई महाआरती के दौरान मंदिर परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। आरती के बीच जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
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पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। विशेष श्रृंगार के चलते बाबा कालभैरव के दरबार में आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।



