विज्ञान में करियर बनाने वाले मेधावी छात्रों को मिलने वाली केंद्र सरकार की स्कॉलरशिप को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की इस योजना के तहत इंटरमीडिएट की विज्ञान वर्ग की परीक्षा में टॉप 1 प्रतिशत छात्रों को सालाना 80 हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति दी जाती थी। यह छात्रवृत्ति उन विद्यार्थियों के लिए थी, जो गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीवन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और जंतु विज्ञान जैसे बेसिक और नेचुरल साइंस विषयों में ग्रेजुएशन या इंटीग्रेटेड पोस्टग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लेते थे। छात्र को अधिकतम पांच साल तक हर साल 80 हजार रुपये मिलने का प्रावधान था।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 से नए छात्रों के लिए आवेदन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। पिछले साल यूपी बोर्ड ने पात्र छात्रों के लिए कटऑफ जारी किया था, लेकिन INSPIRE का आवेदन पोर्टल नहीं खुला। इस वजह से इस साल कटऑफ भी जारी नहीं किया गया।  |
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इसका असर उन मेधावी छात्रों पर पड़ा है, जिन्होंने विज्ञान विषयों में आगे की पढ़ाई के लिए प्रवेश लिया है और आर्थिक मदद की उम्मीद कर रहे थे। हालांकि, 2024 तक जिन छात्रों का चयन हो चुका था, उन्हें अभी छात्रवृत्ति मिल रही है। INSPIRE की आधिकारिक वेबसाइट पर भी फिलहाल नए आवेदन चक्र के बजाय INSPIRE-SHE ऑनलाइन पोर्टल के बंद होने की सूचना दिखाई दे रही है। वहीं, जुलाई 2026 की अन्य रिपोर्टों में भी बताया गया था कि 2026 के नए बैच के लिए स्कॉलरशिप की नई अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
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गौरतलब है कि इससे पहले राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (NTSE) भी अक्टूबर 2022 से बंद है। ऐसे में मेधावी छात्रों के लिए उपलब्ध सरकारी छात्रवृत्ति योजनाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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