गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से काशी के घाटों पर हालात बदलने लगे हैं। मंगलवार को पानी कई घाटों की सीढ़ियों तक पहुंच गया, जिससे करीब 84 घाटों का संपर्क टूट गया। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर पानी पहुंचने के बाद सीढ़ियों पर अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जा रही है।
दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की आरती छत पर कराई गई, जबकि नमो घाट का प्लेटफॉर्म भी पानी की चपेट में आ गया है। प्रशासन ने घाटों पर बैरिकेडिंग कर लोगों को नदी के करीब जाने से रोक दिया है।मंगलवार सुबह 6 बजे गंगा का जलस्तर 66.64 मीटर दर्ज किया गया।
पिछले 24 घंटे में 46.6 मिलीमीटर बारिश हुई। वरुणा नदी में पलट प्रवाह से तटवर्ती इलाकों में जलभराव का खतरा भी बढ़ गया है।तेज बहाव के चलते नाव संचालन बंद है। NDRF और जल पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। सावन के चलते श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा और बढ़ा दी गई है।



