वाराणसी। आंचलिक स्तरीय राष्ट्रीय एकता पर्व ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत एवं कला उत्सव-2026’ के दूसरे दिन शुक्रवार को विभिन्न सांस्कृतिक एवं कला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। पं. ओंकारनाथ ठाकुर ऑडिटोरियम में आयोजित प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक समझ का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत वाद्य संगीत-एकल (मेलोडिक) प्रतियोगिता से हुई। विद्यार्थियों ने विभिन्न वाद्य यंत्रों के माध्यम से अपनी संगीत साधना और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसके बाद पर्कशन और समूह वादन प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने ताल, लय और आपसी समन्वय का परिचय दिया।
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थिएटर एवं पारंपरिक कहानी-वाचन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अभिनय, संवाद और भावाभिव्यक्ति के जरिए सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। वहीं दृश्य कला से जुड़ी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक कौशल का प्रदर्शन किया। कलाकृतियों और प्रोजेक्ट की प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा तैयार विभिन्न रचनात्मक वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया, जिनका निर्णायकों ने निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया।
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दृश्य कला-एकल की 2-डी और 3-डी/स्कल्पचर प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने चित्रकला और मूर्तिशिल्प के माध्यम से अपनी सृजनात्मक प्रतिभा दिखाई। इसके अलावा ‘Indigenous Toys & Games/Local Craft’ प्रतियोगिता में स्वदेशी खिलौनों, पारंपरिक खेलों और स्थानीय शिल्प के माध्यम से भारतीय लोक कला एवं संस्कृति को प्रदर्शित किया गया।
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आयोजन में श्री ए.के. सिंह, प्राचार्य, केंद्रीय विद्यालय का. हि.वि.वि. परिसर, वाराणसी सहित आयोजन समिति के सदस्यों, शिक्षकों, अनुरक्षकों और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।



