उच्च शिक्षा में एनईपी-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर हुआ मंथन

वाराणसी, 13 अगस्त। आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय, डोमरी, रामनगर में चल रहे छह दिवसीय टीचर्स ओरिएंटेशन प्रोग्राम के पांचवें दिन उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में शिक्षकों को एनईपी के उद्देश्यों, प्रावधानों और उच्च शिक्षा में इससे होने वाले बदलावों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने की, जबकि मुख्य वक्ता काशी हिंदू विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आशीष कांत चौधरी रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने मुख्य वक्ता को अंगवस्त्र, पौधा और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

डॉ. आशीष कांत चौधरी ने कहा कि एनईपी-2020 का उद्देश्य उच्च शिक्षा को अधिक समावेशी, गुणवत्तापूर्ण, कौशल आधारित और विद्यार्थी-केंद्रित बनाना है। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि नीति के प्रावधानों को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी है।

Advertisement
अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण नीति है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों को इसके उद्देश्यों और प्रावधानों की पूरी जानकारी होना आवश्यक है।
Advertisement
कार्यक्रम का संचालन सुश्री अनामिका तिवारी ने किया और अंत में श्री दीपक कुमार गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय सहभागिता की और एनईपी-2020 से जुड़े सुझावों को उपयोगी बताया। 
Advertisement


Ktv News Varanasi

Greeting from KTV Channel, Varanasi Leading News and Social content Provider

Post a Comment

Previous Post Next Post