नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र में विपक्ष के विरोध के कारण लगातार गतिरोध बना हुआ है। मंगलवार को भी विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके चलते सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई और सत्र के आगे भी हंगामेदार रहने के आसार हैं।विपक्ष ने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चंदे के मुद्दे और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। विपक्ष की मांग है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छात्रों से जुड़े मामले पर संसद में बयान दें।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की संसद में मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दोनों नेताओं की गैरमौजूदगी पर आपत्ति जताई। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने भी गृह मंत्री की सदन में अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाए।
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इधर, हंगामे के बीच सरकार ने संसद में विधायी कामकाज जारी रखा। लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से संबंधित विधेयक बिना चर्चा के पारित कर दिया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘बैंकर बुक्स एविडेंस बिल’ भी सदन में पेश किया।संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष सदन के बाहर आरोप लगाता है कि उसे बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा, जबकि सदन में महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्य हिस्सा नहीं लेते।
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वहीं, विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में प्रियंका गांधी वाड्रा, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और महुआ मोइत्रा समेत कई सांसद शामिल रहे। लगातार विरोध और हंगामे के कारण मॉनसून सत्र के सुचारू रूप से चलने पर सवाल बने हुए हैं।
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