बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात में हुए उपचुनावों के नतीजे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए मिले-जुले रहे। बिहार की बांकीपुर और मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा, जबकि गुजरात की मांजलपुर सीट पर पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज कर राहत की सांस ली।
सबसे बड़ा झटका बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर लगा, जहां जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पहली बार चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया। यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी और पिछले करीब 30 वर्षों से भाजपा के कब्जे में थी। भाजपा ने इस उपचुनाव में नीरज कुमरा को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन प्रशांत किशोर ने उन्हें हराकर जन सुराज पार्टी का विधानसभा में पहला खाता खोल दिया।
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वहीं मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर भी भाजपा को लगातार दूसरी बार हार मिली। भाजपा ने पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने उन्हें पराजित कर सीट अपने नाम कर ली। यह उपचुनाव कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने के बाद कराया गया था।
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हालांकि गुजरात की मांजलपुर सीट से भाजपा के लिए अच्छी खबर आई। भाजपा उम्मीदवार सतेंद्रभाई पटेल ने कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 30,630 वोटों के बड़े अंतर से हराया। सतेंद्रभाई पटेल को 55,541 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 24,851 वोट मिले। इस सीट पर नोटा को भी 2,247 वोट प्राप्त हुए।इन उपचुनाव नतीजों ने भाजपा के सामने बिहार और मध्य प्रदेश में संगठन और चुनावी रणनीति को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं, वहीं गुजरात में मिली बड़ी जीत ने पार्टी का मनोबल बनाए रखने का काम किया है।
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