पूर्वांचल में इन्फ्लुएंजा-एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। सर सुंदरलाल अस्पताल में स्वाइन फ्लू से संक्रमित 10 मरीजों का इलाज चल रहा है। आरटीपीसीआर जांच में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद सभी को भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है।
भर्ती मरीजों में अधिकांश आसपास के जिलों के हैं, जिनमें आजमगढ़ के तीन मरीज भी शामिल हैं। मरीजों में तेज बुखार, सिर और बदन दर्द जैसे लक्षण पाए गए। कुछ मरीजों को तीन दिन से अधिक समय तक तेज बुखार रहा। लक्षणों के बाद बीएचयू में जांच कराने पर आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसके बाद उन्हें निगरानी और उपचार के लिए भर्ती किया गया।
संक्रमण की चेन रोकने के लिए मरीजों के संपर्क में आए परिजनों और अन्य लोगों के सैंपल भी जांच के लिए लिए जा रहे हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों की निगरानी के लिए चिकित्सा अधीक्षक की अगुवाई में मेडिसिन, चेस्ट और कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों की संयुक्त टीम लगाई गई है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार बीएचयू अस्पताल में स्वाइन फ्लू की आरटीपीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध है। स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर जांच कराने की सलाह दी गई है। वहीं निजी पैथोलॉजी केंद्रों को जांच के नाम पर मनमाना शुल्क नहीं वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों और चिकित्सकों को मरीजों से संबंधित जानकारी निर्धारित पोर्टल पर समय से अपलोड करने को भी कहा गया है।
बीएचयू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. पुनीत कुमार ने बताया कि अस्पताल में पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं। वर्तमान में स्वाइन फ्लू के 10 मरीजों का उपचार चल रहा है और सभी की हालत ठीक है। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ लगातार मरीजों की निगरानी कर रहे हैं।


