लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा के साथ वरुणा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। वरुणा का पानी आबादी वाले इलाकों में घुसने से 100 से अधिक परिवार बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। घरों में पानी भरने के कारण 144 लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। कुछ लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है, जबकि कई परिवार रिश्तेदारों या किराये के कमरों में रहने को मजबूर हैं।
करीब 17 परिवारों के 75 लोगों ने बाढ़ राहत शिविरों में शरण ली है। इनमें सलारपुर प्राथमिक विद्यालय में 4, सरैया राहत शिविर में 34 और सिटी गर्ल्स स्कूल व बड़ी बाजार स्कूल के राहत शिविरों में 37 लोग रह रहे हैं। प्रभावित लोगों में 25 बच्चे और दो बुजुर्ग भी शामिल हैं। वहीं 40 से अधिक परिवार किराये के कमरों या रिश्तेदारों के घरों में रह रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की जिंदगी मुश्किल दौर से गुजर रही है। दैनिक भास्कर की टीम ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से बातचीत की। लोगों ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या राशन और भोजन की है। कई परिवार दिन में सिर्फ एक बार खाना बना पा रहे हैं, जबकि कई बार भूखे ही सोना पड़ रहा है। बच्चों का पेट भरने के लिए कुछ परिवार चीनी का पानी पिलाने तक को मजबूर हैं।
लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ते पानी के बीच रोजमर्रा की जरूरतों का सामान जुटाना मुश्किल हो गया है। प्रभावित परिवार प्रशासन से पर्याप्त राशन, भोजन और अन्य जरूरी मदद की मांग कर रहे हैं।


