वरुणापार के 15 वार्डों में लंबे समय से चली आ रही सीवर और पेयजल की दिक्कत को दूर करने की तैयारी शुरू हो गई है। क्षेत्र में नई पाइपलाइन बिछाने के लिए 840 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम किया जाएगा। इसके तहत करीब 381 किलोमीटर लंबी सीवर और पेयजल लाइन बिछाई जानी है। योजना के पूरा होने के बाद इन वार्डों के सभी इलाकों को नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है।
परियोजना की प्रगति को लेकर रविवार को सर्किट हाउस में मंत्री रविंद्र जायसवाल ने अधिकारियों और क्षेत्रीय पार्षदों के साथ बैठक की। इसमें जल निगम समेत अन्य विभागों के अभियंताओं ने प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2011 में अमृत योजना के तहत वरुणापार में सीवर और पेयजल से जुड़े काम कराए गए थे, लेकिन करीब 60 प्रतिशत क्षेत्र अब भी इससे बाहर रह गया था। नई योजना में इन्हीं इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में सड़क खोदाई के कारण होने वाली दिक्कतों को कम करने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने निर्देश दिया कि एक साथ लंबी दूरी तक सड़क न खोदी जाए। जिस हिस्से में खोदाई हो, वहां पहले पाइपलाइन का काम पूरा कर सड़क को आवागमन के योग्य बनाया जाए, इसके बाद ही अगले हिस्से में काम शुरू किया जाए। पेयजल लाइन बिछाने में भी इसी व्यवस्था का पालन करने और परियोजना को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए।


